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NEET paper leak: पेपर लीक माफिया संजीव मुखिया का करीबी एकंगरसराय से धराया

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार आर्थिक अपराध ईकाई (ईओयू) की टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। ईओयू की टीम ने नीट पेपर लीक (NEET paper leak) मामले में नालंदा जिले के एकंगरसराय प्रखंड क्षेत्र में छापेमारी कर राकेश कुमार नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

राकेश सॉल्वर गैंग का सदस्य बताया जा रहा है। वह पेपर लीक माफिया संजीव मुखिया उर्फ लूटन मुखिया का करीबी बताया जा रहा है। ईओयू को राकेश से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। कहा जाता है कि राकेश को संजीव मुखिया से बेऊर जेल में बंद उसके पुत्र डॉक्टर (फर्जी) शिव कुमार ने कराया था और जो पेपर लीक गिरोह का अहम सदस्य बन गया।

इधर, इओयू टीम का मानना है कि पिछले दिनों हुए सिपाही भर्ती परीक्षा, शिक्षक भर्ती परीक्षा और नीट पेपर लीक के तार आपस में जुड़े हैं। इन सभी पेपर लीक में नालंदा के नगरनौसा प्रखंड के बलवापर गांव निवासी सरगना संजीव मुखिया का नाम काफी प्रमुखता से सामने आया है।

इओयू की एक टीम ने संजीव मुखिया की तलाश में बलवापर गांव अवस्थित उसके घर को भी खंगाला है। उधर गिरफ्तारी से बचने के लिए संजीव मुखिया ने अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की है, जिसपर 25 जून को सुनवाई होनी है।

संजीव मुखिया का बेटा डॉ. शिव कुमार ही बीपीएससी की तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्न-पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड था। मई में शिव कुमार समेत पांच आरोपितों को पुलिस ने उज्जैन से गिरफ्तार किया था।

अब प्रश्न पेपर लीक की हर कड़ी को खंगाल रही ईओयू जांच टीम उस चेन को भी खंगाल रही है, जिसके जरिए संजीव मुखिया तक नीट के प्रश्न-पेपर पहुंचे हैं। फिलहाल इसमें अत्री गिरोह का नाम सामने आ रहा है।

ईओयू सूत्रों के अनुसार अत्री गिरोह ने ही संजीव मुखिया और अतुल वत्स जैसे लोगों को बिहार में प्रश्न-पेपर की प्रति उपलब्ध कराई है। अत्री गिरोह के रवि अत्री का नाम उत्तरप्रदेश पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में भी आया था। वह नोयडा का रहने वाला है और फिलहाल मेरठ जेल में बंद है।

ईओयू सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच में बिहार में नीट का प्रश्न-पेपर झारखंड के रास्ते हजारीबाग अवस्थित एक परीक्षा केन्द्र से पहुंचने की आशंका भी जतायी जा रही है। पांच मई को नीट पेपर लीक मामले में पटना पुलिस की कार्रवाई के लिए इनपुट भी हजारीबाग, झारखंड से ही मिला था।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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