अब CBSE बोर्ड परीक्षा में अपार आईडी अनिवार्य, स्कूलों को सख्त निर्देश

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया है। अब 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में भाग लेने के लिए प्रत्येक छात्र का अपार आईडी होना अनिवार्य होगा।

बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने छात्रों की अपार आईडी तैयार करवाएँ और इसे परीक्षा प्रक्रिया में शामिल करें। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत डिजिटल शिक्षा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

अपार (Automated Permanent Academic Account Registry) आईडी एक विशिष्ट पहचान संख्या है, जो प्रत्येक छात्र को शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान की जाती है। यह आईडी छात्रों के शैक्षिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से एकीकृत करने और उनकी प्रगति को ट्रैक करने में मदद करती है।

सीबीएसई का कहना है कि अपार आईडी के माध्यम से बोर्ड परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और त्रुटि-मुक्त बनाया जा सकेगा।

बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (एलओसी) तैयार करते समय यह सुनिश्चित करें कि केवल उन छात्रों का नाम शामिल किया जाए, जिनका 9वीं और 11वीं कक्षा में पंजीकरण हो चुका हो और जिनके पास वैध अपार आईडी हो। इसके अतिरिक्त, एलओसी में छात्र का नाम, जन्म तिथि, लिंग, श्रेणी, और अभिभावकों का नाम सावधानीपूर्वक सत्यापित करने के बाद ही बोर्ड को भेजा जाए।

सीबीएसई ने बताया कि 10वीं और 12वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षाएँ फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह से शुरू होंगी। इसके बाद, 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए मई 2026 में पूरक परीक्षा आयोजित की जाएगी। बोर्ड ने स्कूलों को इस शैक्षणिक सत्र में तीन प्रमुख परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी तैयार रहने को कहा है।

यह नया नियम स्कूलों और छात्रों के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी लेकर आया है। कई स्कूलों ने अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और तकनीकी संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण कुछ चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं।

दूसरी ओर छात्र और अभिभावक इस बदलाव को लेकर उत्साहित भी हैं। अपार आईडी से उनका शैक्षिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और भविष्य में कॉलेज दाखिले या नौकरी के लिए यह काफी मददगार होगा।

सीबीएसई का यह कदम डिजिटल इंडिया और एनईपी 2020 के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इसके सफल कार्यान्वयन के लिए स्कूलों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग को मिलकर काम करना होगा। बोर्ड ने स्कूलों से अपील की है कि वे समय रहते सभी औपचारिकताएँ पूरी कर लें, ताकि छात्रों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

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