बेन (नालंदा दर्पण)। थाना क्षेत्र के सौरे गांव से चोरी हुई पांच भैंसों की बरामदगी ने जहां एक ओर पुलिस को सुर्खियों में ला दिया है, वहीं दूसरी ओर इलाके में इस कार्रवाई को लेकर लोग चुटकी भी ले रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सौरे गांव निवासी पशुपालक विजय यादव और रोहित यादव की पांच भैंसें बीते मंगलवार 17 फरवरी 2026 की रात चोरी हो गई थीं। घटना के बाद पशुपालकों ने तत्काल बेन थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और संभावित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी गई।
बताया जाता है कि उसी दिन थानाध्यक्ष रविराज सिंह ने आसपास के थानों विशेषकर हिलसा और इस्लामपुर को सूचना देकर सतर्क कर दिया था। इसी समन्वय का नतीजा रहा कि हिलसा थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थिति में रखी गई पांचों भैंसों को बरामद कर लिया गया।
हिलसा पुलिस की सक्रियता से बरामद भैंसों को बेन थाना लाया गया, जहां विजय यादव और रोहित यादव ने उनकी पहचान की। विधिवत कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी भैंसें पशुपालकों को सौंप दी गईं। अपनी मवेशियों को सकुशल पाकर पशुपालकों के चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी।
थानाध्यक्ष रविराज सिंह ने बताया कि चोरी की भैंसों को बरामद कर पशुपालकों के हवाले कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है। इलाके में सक्रिय पशु चोर गिरोह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है और दोषियों के विरुद्ध अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि स्थानीय स्तर पर लोग पुलिस की तत्परता की सराहना तो कर ही रहे हैं, लेकिन यह भी चर्चा में है कि चोरी के कुछ ही घंटों में भैंसें दूसरे थाना क्षेत्र में पहुंच गईं। ग्रामीणों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और हल्की-फुल्की टिप्पणियां भी हो रही हैं।
फिलहाल, पांचों भैंसों की बरामदगी से पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस पशु चोर गिरोह तक कब और कैसे पहुंचती है।
समाचार स्रोत: रामावतार कुमार/नालंदा दर्पण डेस्क







