कतरीसरायनालंदाफीचर्डबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफशिक्षा

नालंदा में नियोजित शिक्षकों का वेतन दो माह से लंबित, आंदोलन की चेतावनी

कतरीसराय (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में कार्यरत नियोजित शिक्षक पिछले दो माह से वेतन भुगतान नहीं होने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मार्च 2026 से जिले के हजारों शिक्षकों का वेतन लंबित रहने से शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। वहीं शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। शिक्षकों का कहना है कि बिना वेतन ड्यूटी करना अब उनके लिए मजबूरी बन गई है।

जानकारी के अनुसार नियोजित शिक्षकों का वेतन दो मदों जीओबी एवं एसएसए से भुगतान किया जाता है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) नालंदा ने बताया कि जीओबी मद के शिक्षकों का आवंटन अब तक उपलब्ध नहीं हो सका है। इसी कारण मार्च 2026 से वेतन भुगतान अटका हुआ है। वहीं एसएसए मद के शिक्षकों का वेतन सीएफएमएस में तकनीकी खराबी के कारण ट्रेजरी में बिल नहीं लग पाने से लंबित पड़ा है।

वेतन भुगतान में हो रही देरी का असर शिक्षकों के पारिवारिक जीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। कई शिक्षक घर खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।

शिक्षकों ने बताया कि लगातार दो महीने तक वेतन नहीं मिलने से आर्थिक दबाव के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ता जा रहा है। इधर बिहार पंचायत नगर प्रारम्भिक शिक्षक संघ ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई है।

संघ के जिलाध्यक्ष सूर्यकांत सिंह कांत ने मुख्यमंत्री समेत संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर शीघ्र वेतन भुगतान कराने की मांग की है। बिना वेतन दो माह तक परिवार चलाना बेहद कठिन हो गया है।

जिला संयोजक रितेश कुमार एवं सचिव अमित कुमार ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर सरकार शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कर्तव्यनिष्ठा की अपेक्षा करती है, वहीं दूसरी ओर समय पर आवंटन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। साथ ही सीएफएमएस की तकनीकी समस्या लंबे समय तक बने रहना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।

संघ नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र वेतन भुगतान नहीं किया गया तो शिक्षकों का आक्रोश आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.