अतंर्राष्ट्रीय पर्यटन नगर राजगीर की बड़ी मुसीबत बने फुटपाथी दुकानदार

राजगीर (नालंदा दर्पण)। अतंर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थली राजगीर (rajgir) में नगर परिषद द्वारा वेंडिंग जोन और नन वेडिंग जोन चिह्नित किया गया है। लेकिन करीब दो साल से इक्का-दुक्का छोड़ किसी चिह्नित वेडिंग जोन में फल, सब्जी, मछली आदि की दुकानें नहीं लगाई जाती है।

यहां चिन्हित वेंडिंग जोन की जगह सड़क किनारे फुटपाथ पर ही दुकानें लगाई जाती है। इस कारण अक्सर सड़क जाम की समस्या बनती रहती है। हनुमान मंदिर के समीप के आंगनबाड़ी केंद्र के बगल में नगर परिषद द्वारा वेंडिंग जोन चिह्नित किया गया है। यहां दुकानदारों की सहूलियत के लिए लाखों रुपये की लागत से उस जगह फेवर्स ब्लॉक भी लगाये गये हैं। ताकि दुकानदारों और ग्राहकों को कादो-कीचड़ का सामना नहीं करना पड़े।

इसके बावजूद इस वेंडिंग जोन में सब्जी और मछली की दुकानें नहीं सजती है। मनमाने तरीके से सब्जी और मछली के दुकानें सड़क किनारे लगाई जाती है। मानों फुटपाथ दुकानदारों के आगे प्रशासन की कुछ भी नहीं चलती है या प्रशासनिक उदासीनता के कारण उनकी मनमानी चरम पर है।

उसी का परिणाम है कि जहां वे चाहते हैं, वहीं दुकानें लगाते हैं। इसके कारण सड़क जाम की समस्या हमेशा बनी रहती है। चिन्हित वेंडिंग जोन में फुटपाथ दुकानदारों को शिफ्ट कराना यहां के जिम्मेदार पदाधिकारियों के समक्ष चुनौती बन गया है।

बताया जाता है कि पूर्व एसडीओ अनिता सिन्हा द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र के बगल के चिह्नित वेंडिंग जोन में फुटपाथ दुकानदारों बसाया गया था। लॉटरी से दुकानदारों को दुकानें आवंटन की गयी थी। सभी दुकानदार खुशी-खुशी इस वेंडिंग जोन में अपनी दुकान सजाकर व्यवसाय करने लगे थे।

इससे गिरियक रोड चौराहे के ईर्द-गिर्द की सड़कें चौड़ी और साफ सुथरी दिखने लगी थी। लेकिन कुछ महीने बाद नगर परिषद द्वारा फेवर्स ब्लॉक बिछाने के बहाने दुकानदारों को वहां से हटाया गया। दुकानदार फिर से सड़क किनारे चले गये। तब से अबतक दुकानदारों को फिर से चिन्हित वेंडिंग जोन में फिर से लाने की कोशिश किसी के द्वारा नहीं किया गया है।

फलस्वरूप गिरियक रोड चौराहा के इर्द-गिर्द के अलावे कॉलेज रोड और गिरियक रोड में किनारे ही फल-सब्जी और मछली की दुकानें सजाई जाती है। इससे जाम की समस्या तो उत्पन्न होती ही है शहर की सुंदरता को भी आघात लगता है। जाम में फंसकर पर्यटकों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों के द्वारा अनेकों बार इस ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है। परंतु उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। लोगों की मानें तो चिन्हित वेडिंग जोन में दुकानदारों को शिफ्ट कराने की बात तो दूर उन्हें नोटिस तक नहीं दिया जाता है।

नतीजतन मुख्य सड़क किनारे फल-सब्जी और मछली की दुकान लगने से सड़क सकरी हो गयी है। चौराहे पर लम्बी पर्यटक बसों को मुड़ने में परेशानी होती है। सड़क जाम की समस्या तो होती ही है। शहर की सुंदरता भी समाप्त हो रही है। यही हाल पटेल चौक, छबिलापुर मोड़ और बिहारशरीफ रोड आदि की है।

नालंदा में इन 10 सरकारी स्कूलों की हुई अकाल मौत, जानें वजह

नालंदा के इन 420 फर्जी नियोजित शिक्षकों की काउंसलिंग पटना में शुरु

गर्मी की छुट्टी को लेकर शिक्षा विभाग का नया आदेश, जानें कैसे खुलेंगे स्कूल

शादीशुदा महिला के प्रेम चक्कर में पड़े युवक को मिली भयानक मौत

किताबों में भारी कमीशन के बीच चंडी के निजी स्कूल बनते जा रहे हैं ‘बुक डीलर’

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker