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बीबोस में रूचि नहीं ले रहे हैं मैट्रिक और इंटर में फेल छात्र-छात्राएं

नालंदा दर्पण डेस्क। मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा 2024 में नालंदा जिले के असफल हुए छात्र-छात्राओं को बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण परीक्षा (बीबोस) के माध्यम से परीक्षा फॉर्म भराने का शिक्षा विभाग का प्रयास सफल होता नजर नहीं आ रहा है।

मैट्रिक परीक्षा-2024 में नालंदा जिले के लगभग 4901 विद्यार्थी असफल हुए हैं। इसी प्रकार इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा- 2024 में भी लगभग 3214 विद्यार्थी असफल रहे हैं।

शिक्षा विभाग द्वारा वार्षिक परीक्षा में बड़ी संख्या में असफल हुए छात्र-छात्राओं को वैकल्पिक रूप से परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए बीबोस के माध्यम से परीक्षा फॉर्म भराने का निर्देश दिया गया है।

प्रखंड स्तर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तथा अन्य कर्मियों के द्वारा असफल होने वाले छात्र-छात्राओं के घरों तक जाकर उन्हें परीक्षा फॉर्म भरने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

हालांकि अब तक जिले में भरे गए परीक्षा फार्म से यह स्पष्ट हो रहा है कि नालंदा जिले के छात्र और अभिभावक बीबोस के माध्यम से परीक्षा फॉर्म भरने तथा परीक्षा पास करने में रुचि नहीं ले रहे हैं।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के अनुसार बीबोस की आगामी परीक्षा जून महीने में ही होने वाली है। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए नामांकन तथा परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई है। इस जिले के अधिकतम छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल होकर अपना कीमती समय बचा सकते हैं।

छात्रों की सहायता के लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, केआरपी, एसआरपी, शिक्षा सेवक तथा संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और बीबोस के अध्ययन केंद्र समन्वयकों को निर्धारित समय के पूर्व ही ऐसे सभी छात्र-छात्राओं का नामांकन तथा परीक्षा फॉर्म भराने का निर्देश दिया गया है। अधिकारी व कर्मी घर-घर जाकर बच्चों को परीक्षा फॉर्म भरने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

नालंदा जिले में अब तक मैट्रिक में 25 तथा इंटरमीडिएट के लिए 24 छात्र-छात्राओं के द्वारा परीक्षा फॉर्म भरा गया है। समय कम रहने के कारण सभी अधिकारियों व कर्मियों को छात्र-छात्राओं के परीक्षा फॉर्म भराने में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

इस योजना में एक बार में न्यूनतम तीन तथा अधिकतम चार विषयों की परीक्षा में भाग लेना आवश्यक है। जो छात्र पांच विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं अथवा जिन्हें ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा, उन्हें नामांकन के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

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Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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