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परबलपुर KGBV में जिस बच्ची की हुई मौत, वह नहीं थी छात्रा,10 दिन से छात्रावास अवैध ढंग से रह रही थी

परवलपुर (नालंदा दर्पण)। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (केजीबीभी) परबलपुर में अचानक एक साथ 15 छात्रओं की तबियत बिगड़ने का मामला सामने आने से शिक्षा विभाग समेत पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। कहा जाता है कि विषाक्त भोजन खाने से बीमार सभी छात्राओं को परबलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) में भर्ती कराया गया, जबकि एक की हालत गंभीर देखते हुए उसे बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेजा गया। वहीं यहां एक अन्य बच्ची की मौत हो गयी थी।

गौरतलब है कि जिस बच्ची की मौत हुई है, वह कैसे रह रही थी विद्यालय छात्रावास में कैसे रह रही थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। जबकि केजीबीभी के प्रावधान के अनुसार सिर्फ नामांकित बच्चियां हीं छात्रावास में रह सकती है। अन्यथा किसी को वहां रूकने की इजाजत नहीं है, जबकि रविवार को किरण कुमारी नामक जिस बच्ची की मौत हुई थी, वह स्कूल की छात्रा नहीं थी और वह पिछले 10 दिनों स हॉस्टल रह रही थी।

बताया जाता है कि रविवार को उस बच्ची की अचानक तबियत बिगड़ने पर इलाज के लिए उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बिहारशरीफ सदर अस्पताल लाने के दौरान उसकी मौत हो गयी। छात्रा की मौत कैसे हुई, यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट बतायेगा, लेकिन अहम सवाल यह है कि गैर नामांकित बच्चे 10 दिन से स्कूल में कैसे रह रही थी।

छात्राओं का आरोप है कि भोजन में बराबर कीड़ा मिलता है। खाने के बाद आये दिन बच्चियों की तबियत बिगड़ती है। स्कूल की जो बच्चियां बीमार हुई उनमें रेशमी कुमारी, रिंकू कुमारी, मुस्कान कुमारी, पूनम कुमारी, ज्योति कुमारी, चांदनी कुमारी, सरस्वती कुमारी, अंशु कुमारी, संध्या कुमारी, आरती कुमारी व सुलेखा कुमारी शामिल है।

बीमार छात्राओं की डेंगू व मलेरिया की भी जांच की गयी। जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं एक साथ कई छात्राओं के बीमार होने की सूचना पाते ही सीएस डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह, एसडीओ प्रवीण कुमार, डीईओ राजकुमार व अन्य अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल-चाल जाना।

घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद विशेष अधिकारी ने स्कूल में जाकर बच्चों को मिलने वाला नाश्ता, भोजन व पानी की जांच के लिए सैंपल लिया गया। इसकी जांच के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। वहीं इसकी सूचना फैलते ही अभिभावकों की चिंता काफी बढ़ गयी है। सोमवार को दिनभर लोग अपनी बेटियों का हाल जानने स्कूल आते रहे।

एक बच्ची को भेजा गया बिहार शरीफ सदर अस्पताल: स्कूल प्रबंधन ने तत्काल सभी बच्चियों को परबलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया। वहां से गंभीर अवस्था में पटना जिले के सिंगरी अमावां गांव निवासी कमलेश रविदास की पुत्री रेशमी कुमारी को बेहतर इलाज के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर किया गया। एक साथ बड़ी संख्या में बच्चियों की तबीयत बिगड़ने से स्कूल प्रशासन की व्यवस्था को जितने लोग उतने सवाल खड़े किये जाने लगे है।

परबलपुर पीएचसी प्रभारी डॉ. नूतन कुमारी के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद बच्चियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। बीमार पड़ने का कारण शरीर में पानी की कमी होना है। मेडिकल टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं छात्राओं का इलाज कर रहे डॉ. अभिषेक कुमार ने इसका कारण विषाक्त भोजन बताया।

Mukesh Bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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