खेती-बारीगाँव-जवारनालंदाबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफसमस्या

बाढ़ पीड़ित किसानों के बीच मुआवजा वितरण प्रक्रिया जोरों पर, लेकिन…

बिहार शरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के हिलसा, करायपरसुराय, अस्थावां, सरमेरा और बिंद प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा ने हजारों हेक्टेयर में फैली फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। जिससे किसान बड़ी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

राज्य सरकार ने किसानों की इस मुश्किल घड़ी में राहत पहुंचाने के लिए मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की है। इस राहत योजना के तहत प्रभावित किसान 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

मुआवजा आवेदन की स्थितिः कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से प्रभावित पंचायतों के कुल 2792 किसानों ने फसल क्षति के एवज में मुआवजा राशि पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए हैं। इनमें से अब तक 1460 आवेदन कृषि समन्वयक द्वारा जांच कर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (एसएओ) के पास भेजे गए हैं।

इन आवेदनों में 320 आवेदन अभी लंबित हैं। एसएओ द्वारा 1346 आवेदनों को जिलाधिकारी कार्यालय (डीएओ) भेजा गया है। जिनमें से 1315 आवेदन अनुमोदित होकर एडीएप (ADM) के पास भेज दिए गए हैं। अंततः एडीएम कार्यालय ने इनमें से 1304 आवेदनों को मुख्यालय में भेज दिया है। जिनमें से 1300 किसानों को मुआवजा राशि जारी कर दी गई है, जबकि चार आवेदन अब भी पेंडिंग हैं।

मुआवजे का विवरण और आवेदन निरस्त होने के कारणः प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 22,500 रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। हालांकि 1012 आवेदनों को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में रद्द कर दिया गया है।

आवेदन निरस्त होने का मुख्य कारण यह पाया गया कि कई किसानों के पास भूमि के अद्यतन दस्तावेज, जैसे- रसीद उपलब्ध नहीं थे। इस वजह से कुछ किसान मुआवजा लाभ से वंचित रह गए हैं।

बचे हुए आवेदन और शेष मुआवजा वितरणः कृषि समन्वयक स्तर पर अब जांच के लिए मात्र 320 आवेदन ही शेष हैं। जबकि एसएओ, डीएओ और एडीएम स्तर पर कुल मिलाकर 32 आवेदन लंबित हैं। यदि सभी स्तरों पर लंबित आवेदनों को सही पाया जाता है तो लगभग 352 और किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

किसान समुदाय को राहत देने के इस कदम से बाढ़ से प्रभावित किसानों को कुछ हद तक संबल मिलेगा और उनकी वित्तीय स्थिति को स्थिर करने में यह मुआवजा सहायता साबित हो सकती है।

Mukesh Bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Bihar Sharif covered with red flags regarding Deepnagar garbage dumping yard in nalanda ई BPSC टीचर बच्चों के बीच क्या मिमिया रहा है KK पाठक साहब? ई BPSC टीचर की गुंडई देख लीजिए KK पाठक साहब ! जानें भागवान महावीर के अनमोल विचार