नालंदापर्यटनबिग ब्रेकिंगराजगीर

भगवान बुद्ध का निवास स्थल वेणुवन में लाइट एंड साउंड सिस्टम की जरुरत

नालंदा दर्पण डेस्क। देशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक शहर राजगीर में एक से बढ़कर एक काम किए गए हैं, लेकिन यहां लाइट एंड साउंड सिस्टम अब तक विकसित नहीं होने की कमी पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी खल रही है। भगवान बुद्ध के निवास स्थल वेणुवन में लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित करने की मांग उठने लगी है।

मानना है कि भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े छुए और अनछुए पहलुओं को देशी-विदेशी पर्यटकों से रूबरू कराने के लिए यह आवश्यक है। लाइट एण्ड साउंड सिस्टम के लिए सबसे उपयुक्त वेणुवन को बताया गया है। वेणुवन पर्यटन स्थल के साथ बौद्ध तीर्थ स्थल भी है।

मगध सम्राट बिम्बिसार द्वारा महात्मा बुद्ध को यह वन दान दिया गया था। राजगीर प्रवास दौरान बुद्ध वेणुवन में निवास ही करते थे। यह बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए मक्का मदीना जैसा है। हर देश के बौद्ध धर्मावलंबी वेणुवन के दीदार और भगवान बुद्ध के सामने शीश झुकाने आते हैं।

पर्यटन विभाग और निगम द्वारा राजगीर के वेणुवन में लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित करने के लिए दर्जनों बार घोषणा की गयी है, लेकिन अबतक उसे अमलीजामा नहीं पहनाया गया है।

पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगाः यहां आने वाले पर्यटक इस सिस्टम से भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन से रूबरू होंगे। इसका निर्माण होने से राजगीर का पर्यटन एक और छलांग तो लगायेगा ही राजस्व संग्रह का मुख्य श्रोत भी हो सकता है।

यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन विभाग और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को खास योजना बनानी चाहिए। वेणुवन का विस्तार होने के बाद यह राजगीर का नहीं, बल्कि राज्य का सबसे बड़ा पार्क बन गया है। यहां लाइट एण्ड साउंड सिस्टम से पर्यटकों को लुभाने के लिए ठोस योजना बनाकर काम करने की जरूरत है।

यहां साउंड एंड लाइट शो के संचालित होने से राजगीर का पर्यटन क्षेत्र और समृद्ध होगा। आने वाले पर्यटकों के लिए अलग से भगवान बुद्ध के साथ अपने को जोड़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इससे राजस्व में काफी वृद्धि होगी। बाहरी लोगों की आवाजाही में इजाफा होगा।

नालंदा पुरातत्व संग्रहालय: जहां देखें जाते हैं दुनिया के सबसे अधिक पुरावशेष

राजगीर में बनेगा आधुनिक तकनीक से लैस भव्य संग्रहालय

1.65 करोड़ खर्च से बजबजाती नाली बना राजगीर सरस्वती नदी कुंड

अतंर्राष्ट्रीय पर्यटन नगर राजगीर की बड़ी मुसीबत बने फुटपाथी दुकानदार

पांच साल बाद नौकायन से फिर गुलजार हुआ सुभाष पार्क

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा