फीचर्डनालंदाबिग ब्रेकिंगहिलसा

नीट पेपर लीक कांड: मास्टरमाइंड संजीव मुखिया अब भी फरार

हिलसा (नालंदा दर्पण)। नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की गतिविधियां तेजी से जारी हैं, लेकिन इस कांड के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया अभी भी जांच एजेंसी की गिरफ्त से बाहर हैं। अब तक इस मामले में 49 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से 40 के खिलाफ सीबीआई ने तीन अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। इसके बावजूद मुखिया की गिरफ्तारी सीबीआई के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

सीबीआई के सूत्रों के अनुसारः संजीव मुखिया को पकड़ने के लिए जांच एजेंसी ने अपने सभी नेटवर्क सक्रिय कर दिए हैं। जांच के दौरान गिरफ्तार साल्वर रौनक राज (मुंबई से) रंजीत, अमित और धीरेंद्र (भुवनेश्वर से) की पूछताछ में संजीव मुखिया से संबंधित कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। इन जानकारियों के आधार पर सीबीआई उसकी गिरफ्तारी के करीब पहुंच चुकी है।

चार्जशीट में प्रमुख आरोपीः सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट में जमशेदपुर एनआईटी के छात्र पंकज कुमार को इस पूरे कांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। चार्जशीट के अनुसार हजारीबाग के ओयसिस स्कूल के प्रिंसिपल अहसानुल और वाइस प्रिंसिपल इमतियाज आलम की मिलीभगत से पंकज ने नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक किया था।

इस कांड का खाका कुछ इस प्रकार था: परीक्षा से एक दिन पहले 4 मई को नीट यूजी का पेपर ओयसिस स्कूल के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया था। पंकज ने एक विशेष टूल की मदद से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के ट्रंक को खोलकर पेपर की तस्वीरें खींच लीं। पंकज ने इन तस्वीरों को एक नेटवर्क के जरिए साल्वर समूह तक पहुंचाया, जिससे परीक्षा से पहले ही पेपर बाजार में लीक हो गया।

मुखिया पर शिकंजा कसने की तैयारीः सीबीआई का कहना है कि संजीव मुखिया की गिरफ्तारी से पूरे रैकेट के और भी बड़े राज सामने आ सकते हैं। वह इस लीक नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, जो देशभर में फैल चुके नीट पेपर लीक के मामलों का संचालन कर रहा था। उसे पकड़ने के लिए सीबीआई ने देशभर में अपने नेटवर्क को अलर्ट कर दिया है।

अपराध का तंत्र और तकनीकः इस लीक कांड में तकनीकी विशेषज्ञों का इस्तेमाल किया गया था, जो परीक्षा केंद्रों से पेपर को लीक कर साल्वर तक पहुंचाते थे। साल्वर नकली उम्मीदवार बनकर परीक्षा देते थे और वास्तविक उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा पास कराने का गारंटी देते थे। इस पूरे कांड में बड़ी रकम का लेन-देन होने की भी आशंका जताई जा रही है।

नीट परीक्षा प्रणाली पर सवालः नीट पेपर लीक कांड ने देश की प्रमुख परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ इस कांड के खुलासे से हज़ारों ईमानदार परीक्षार्थियों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। वहीं दूसरी ओर देशभर में पेपर लीक के मामलों की जड़ तक पहुंचने की सीबीआई की कोशिशें जारी हैं।

अब देखना होगा कि सीबीआई कब तक संजीव मुखिया को गिरफ्तार कर इस रैकेट का पर्दाफाश करती है और क्या इससे भविष्य में परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा