आवागमननालंदाप्रशासनबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफसमस्या

पैठना टोल प्लाजा शुल्क में वृद्धि से वाहनों पर बढ़ा बोझ, जानें नए रेट

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (NH-20) के बख्तियारपुर-रजौली खंड पर स्थित टोल प्लाजा की दरों में वृद्धि कर दी गई है। यह नई दरें 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी हो चुकी हैं। जिसके चलते इस मार्ग पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अब पहले से अधिक शुल्क चुकाना पड़ेगा। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इस बढ़ोतरी को मुद्रास्फीति और सड़क रखरखाव की बढ़ती लागत के मद्देनजर जरूरी बताया है।

एनएचएआई के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नियमों के तहत टोल दरों में यह समायोजन किया गया है। टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले स्थानीय लोगों को भी राहत के नाम पर मामूली छूट दी गई है, लेकिन उनकी जेब पर भी असर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, छोटी गाड़ियों के लिए पहले 340 रुपये का शुल्क अब बढ़कर 350 रुपये हो गया है।

इस खंड पर पैठना टोल प्लाजा की नई दरें इस प्रकार हैं-  कार, जीप, वैन, एलएमवी: 215 रुपये (पहले 205 रुपये)। मिनी बस, एलसीवी, एलजीवी: 345 रुपये (पहले 330 रुपये)। बस-ट्रक (डबल एक्सेल): 720 रुपये (पहले 695 रुपये)।  तीन एक्सेल कॉमर्शियल वाहन: 785 रुपये (पहले 760 रुपये)। चार से छह एक्सेल वाहन: 1,130 रुपये (पहले 1,090 रुपये)।  सात या अधिक एक्सेल वाहन: 1,375 रुपये (पहले 1,330 रुपये)। रजौली टोल प्लाजा पर भी इसी तरह की बढ़ोतरी लागू की गई है। जिससे भारी वाहनों पर खासा असर पड़ेगा।

बता दें कि बख्तियारपुर-रजौली खंड एक व्यस्त मार्ग है, जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। इनमें छोटे व्यक्तिगत वाहनों से लेकर भारी मालवाहक ट्रक तक शामिल हैं। यह मार्ग पटना, झारखंड, गया, नवादा और बिहारशरीफ जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ता है। जिसके कारण यहाँ यात्रियों की संख्या हमेशा अधिक रहती है। टोल दरों में हुई इस वृद्धि से न केवल व्यावसायिक वाहन चालकों, बल्कि आम यात्रियों के बजट पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि टोल दरों में बार-बार होने वाली बढ़ोतरी से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। एक स्थानीय वाहन चालक रामू प्रसाद ने कहा, कि हम रोज इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन हर साल टोल बढ़ जाता है। सड़क की हालत में कोई खास सुधार नहीं दिखता, फिर यह बढ़ोतरी क्यों?  वहीं एनएचएआई का दावा है कि यह राशि सड़कों के रखरखाव और बेहतर सुविधाओं के लिए इस्तेमाल की जाती है।

बहरहाल, टोल दरों में यह वृद्धि भले ही मामूली लगे। लेकिन नियमित यात्रियों और मालवाहक वाहनों के लिए यह लंबे समय में बड़ा खर्च साबित हो सकता है। इस मार्ग पर निर्भर लोगों को अब अपनी यात्रा लागत को नए सिरे से आंकना होगा। क्या यह बढ़ोतरी सड़क सुविधाओं में सुधार लाएगी या सिर्फ आर्थिक बोझ बढ़ाएगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा