नालंदापर्यटनबिग ब्रेकिंगराजगीर

70 फुट की ऊंचाई पर राजगीर रोपवे केबिन में फंसे पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकाला

राजगीर (नालंदा दर्पण)। पर्यटक शहर राजगीर के विश्वशांति स्तूप तक जाने-आने वाले सैलानियों के लिए बना केबिन रोपवे पर गुरुवार को एनडीआरएफ की टीम द्वारा मॉक ड्रिल किया गया।

इस दौरान रोपवे कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया गया। ताकि रोपवे संचालन के दौरान किसी अप्रिय घटना से आसानी से निपटा जा सके। इस दौरान एनडीआरएफ की टीम और रोपवे के कर्मचारियों ने केबिन रोपवे में 70 फीट ऊंचाई पर फंसे कथित दो सैलानियों को सकुशल बाहर निकाला गया।

यहां के विश्व शांति स्तूप पर जाने के लिए रोपवे पर सालों सैलानियों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में यदि कोई देशी या विदेशी पर्यटक केबिन रोपवे में फंस जाय, तो किस तरह उन्हें रोपवे से सुरक्षित बाहर निकाला जाय। इसको लेकर 29 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम द्वारा मॉक ड्रिल किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ और रोपवे कर्मचारियों द्वारा केबिन रोपवे में फंसे दो सैलानियों को बचा कर दिखाया गया। कभी बिजली कटने, दुर्घटना होने या अन्य दूसरे कारणों से सैलानी रोपवे से सफर के दौरान फंस जाते हैं।

वैसी परिस्थितियों में सैलानियों की जान बचाना और सुरक्षित बाहर निकालना रोपवे प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है। उसी जिम्मेदारी को सरल और सहज तरीके से निभाने के लिए एनडीआरएफ और रोपवे द्वारा संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल किया गया।

रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार के अनुसार मॉक ड्रिल के जरिए किसी भी दुर्घटना से निपटने की तैयारी की जानकारी दी गयी। एनडीआरएफ के जवानों ने जोश दिखाया और केबिन रोपवे में फंसे कथित दो पर्यटकों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी लोगों ने एनडीआरएफ के जज्बे और कौशल की सराहना की।

उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम द्वारा इस प्रकार का अभ्यास किया जाता है और रोपवे कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाता है। इस दौरान आने वाली परेशानियों के साथ ही अन्य परिस्थितियों का भी मूल्यांकन किया जाता है।

उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक रोपवे का संचालन सैलानियों के लिए बंद रखा गया। मॉक ड्रिल को देखने के लिए लोगों का मजमा लगा रहा। रोपवे में संभावित हादसे को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम ने एक कृत्रिम हादसे की स्थिति निर्मित की। इसमें रोपवे में खराबी आने की स्थिति में रोपवे केबिन बीच में ही रुक गयी। इसमें कथित दो पर्यटक फंस गये। हवा में लटकती केबिन में पर्यटक काफी देर तक परेशान रहे।

इस मौके पर एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट संतोष कुमार यादव द्वारा दुर्घटना से बचाव एवं प्राथमिक उपचार के तौर तरीकों की जानकारी दी गयी। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि दुर्घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए कैसे पहुंचाया जाता है।

मॉक ड्रिल द्वारा दुर्घटना का रिहर्सल किया गया। इस दौरान सुरक्षित उपायों की जानकारी दी गयी। एनडीआरएफ द्वारा अभ्यास के दौरान हेलमेट और सुरक्षित दास्ताने एवं अन्य उपायों के बारे में भी बताया गया।

इस अभ्यास को लेकर एसडीओ कुमार ओमकेश्वर ने बताया कि यह एनडीआरएफ की रुटीन मॉक ड्रील है। इस दौरान आपात परिस्थितियों में त्वरित बचाव कार्य क अभ्यास किया गया है।

इस दौरान यह भी देखा गया कि बचाव कार्य में क्या- क्या दिक्कतें स्थानीय परिस्थितियों के मद्देनजर आ सकती है, ताकि वास्तविक घटना के दौरान उससे आसानी से निपटा जा सके। निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम आयी।

टीम द्वारा पहले केबिन में फंसे पर्यटकों को दिलासा देते हुए धैर्य रखने की सलाह दी गयी। इसके बाद टीम द्वारा बचाव अभियान शुरू किया गया। टीम के सदस्य सबसे पहले रोपवे खंभे पर चढ़कर केबिन तक पहुंचे।

उसके बाद सैलानियों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए रोप को तैयार किया। सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद पर्यटकों को उसमें बांध कर सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा गया। जैसे ही बचाव अभियान के तहत फंसे कथित पर्यटकों को नीचे उतारना शुरू किया गया।

इस मौके पर अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रविन्द्र राम, रोपवे मैनेजर दीपक कुमार, इंस्पेक्टर एमके मुरारी, एसआई मनोज कुमार यादव, परविंदर सिंह, अनिल कुमार, मुख्य आरक्षक राजीव कुमार, भागीरथ कुमार, रक्ष मिथलेश कुमार, रंजीत सिंह, सुधीर कुमार, राज नंदन सिंह, जमशेद खान, चंन्द्रकांत और रजनीकांत राय की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

बरगद के पेड़ से झूलता मिला डेंटल कॉलेज की महिला सफाईकर्मी की लाश

प्रेम प्रसंग में पड़ी महिला की हत्या कर बरगद की डाली से टांग दिया

मंत्री श्रवण कुमार की मानसिक हालत बिगड़ी, चंदा कर ईलाज कराएगी राजद

नाबालिग संग दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल कठोर कारावास की सजा

PM मोदी ने राजगीर रेलवे स्टेशन पर किया खाजा स्टॉल का शुभारंभ

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »