Bihar Education Department Big News: जानें किस तिथि से तय होगी विशिष्ट शिक्षकों की वरीयता

नालंदा दर्पण डेस्क। Bihar Education Department Big News: बिहार प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पदस्थापित होने वाले विशिष्ट शिक्षक तीनों मानदंडों पर फिट नहीं होने वाले किसी अन्य मामले का निर्णय विभाग द्वारा किया जायेगा। विशिष्ट शिक्षकों की शिक्षकों की वरीयता स्थानीय निकाय के शिक्षक के रूप में प्रशिक्षित वेतनमान प्राप्त करने की तिथि से होगी। यह प्रावधान बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 में है।

इसके मुताबिक जहां दो शिक्षक प्रशिक्षित वेतनमान की एक ही तिथि साझा करेंगे, उनकी जन्मतिथि वरीयता तय करने के लिए मानदंड होगी। जहां दो शिक्षकों की जन्मतिथि भी एक ही होगी, वहां अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में शिक्षक का नाम वरीयता तय करेगा।

वरीयता का सवाल इस पद पर पदस्थापित होने वाले स्थानीय निकाय के शिक्षकों के बीच उस आदेश से उठ खड़ा हुआ है, जो एक अगस्त से शुरू होने वाली काउंसलिंग के लिए जारी हुआ है। शिक्षा विभाग के 16 जुलाई के उस आदेश में कहा गया है कि उनकी वरीयता विद्यालय में योगदान की तिथि के आधार पर निर्धारित होगी। इस पंक्ति के विरोधाभासी होने की वजह से ही विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न हो गयी है।

राज्य में पहली सक्षमता परीक्षा में 1,87,818 स्थानीय निकाय शिक्षक उत्तीर्ण हुए हैं। इनके अभिलेखों के काउंसलिंग के लिए शिक्षा विभाग के 16 जुलाई के उस आदेश को आदेश जारी किया है। जिसके मुताबिक अभिलेखों का काउंसलिंग आवंटित जिले के डीआरसीसी में किया जाना है।

यह कार्य पूर्वाह्न नौ बजे से शाम पांच बजे तक होना। पहला स्लॉट पूर्वाह्न 9 से 10.30 तक, दूसरा स्लॉट 10.30 से 12 बजे तक, तीसरा स्लॉट 12 से 1.30 तक, चौथा स्लॉट 1.30 से तीन बजे तक एवं पांचवां स्लॉट तीन बजे से 4.30 बजे अपराह्न तक है।

उच्च माध्यमिक शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के अभिलेखों का काउंसलिंग एक अगस्त से माध्यमिक शिक्षकों के अभिलेखों का काउंसलिंग, दो अगस्त से स्नातक कोटि के सभी विषयों के शिक्षकों के अभिलेखों का काउंसलिंग, तीन अगस्त से मूल कोटि के उर्दू, बांग्ला एवं शारीरिक शिक्षकों के अभिलेखों का काउंसलिंग, पांच अगस्त से एवं मूल कोटि के सामान्य शिक्षकों के अभिलेखों का काउंसलिंग छह अगस्त से किया जाना है।

शिक्षकों के लिए तिथि एवं स्लॉट विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। इसकी सूचना भी संबंधित शिक्षकों को मिलेगी। अभिलेखों के काउंसलिंग में मूल जाति प्रमाण पत्र, मूल दिव्यांग प्रमाण पत्र, मूल आधार कार्ड, नियोजन पत्र, मैट्रिक प्रमाण पत्र, इंटरमीडिएट प्रमाण पत्र, स्नातक प्रमाण पत्र, स्नातकोत्तर प्रमाण पत्र, डीएलएड बीएड प्रमाण पत्र, दक्षता बीटीईटी-एसटीईटी-सीटीईटी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किये जाने हैं।

शिक्षा विभाग की अब तक की तैयारी के मुताबिक अभिलेखों के काउंसलिंग के बाद शिक्षकों की पोस्टिंग होगी। पोस्टिंग वाले स्कूल में योगदान की तिथि से ऐसे शिक्षक ‘विशिष्ट शिक्षक’ बनेंगे तथा उसी दिन से उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा भी मिल जायेगा।

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