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BPSC पेपर लीक आंदोलन: कोचिंग संचालक गिरफ्तार, फंडिंग की जांच में जुटी EOU

इस घटनाक्रम ने न केवल परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बिहार में शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर भी गंभीर चिंताएं पैदा की हैं

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) पेपर लीक के खिलाफ पटना में हो रहे प्रदर्शन में अभ्यर्थियों को भड़काने और बाहरी लोगों को शामिल करने के आरोप में पुलिस ने दिल्ली के कोचिंग शिक्षक रोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। रोहित पर आरोप है कि उसने आंदोलन को उग्र बनाने और इसे सुनियोजित ढंग से भड़काने के लिए दिल्ली से करीब 20 लोगों को पटना बुलाया।

दरअसल, रोहित कुमार मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला है और फिलहाल दिल्ली में ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज चलाता है। पुलिस का कहना है कि रोहित ने बीपीएससी (BPSC) के अभ्यर्थियों को अपनी रणनीति के तहत भड़काया और प्रदर्शन का नेतृत्व किया। रोहित के साथ गिरफ्तार लोगों में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं, जो खुद को बीपीएससी अभ्यर्थी बताकर प्रदर्शन में शामिल थीं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि प्रदर्शनकारियों को आर्थिक रूप से मदद पहुंचाई जा रही थी। इस फंडिंग की जांच के लिए मामला आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंप दिया गया है।

माना जा रहा है कि इस फंडिंग में कुछ कोचिंग संस्थानों और अन्य बाहरी समूहों का हाथ हो सकता है। पुलिस ने इस संबंध में सात से आठ कोचिंग संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही हैं। प्रदर्शन को भड़काने के लिए उपयोग किए गए सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। कई फर्जी अकाउंट्स से अफवाह फैलाने और अभ्यर्थियों को भड़काने की पुष्टि हुई है।

बापू परीक्षा केंद्र में हंगामा करने वाले प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए कंकड़बाग, कदमकुआं और पत्रकार नगर क्षेत्रों में पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी है। जिला प्रशासन का कहना है कि गिरफ्तार शिक्षक रोहित कुमार इस आंदोलन का मास्टरमाइंड है और उससे पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं।

पुलिस ने दावा किया है कि यह आंदोलन केवल अभ्यर्थियों की नाराजगी का परिणाम नहीं, बल्कि इसे संगठित ढंग से योजनाबद्ध तरीके से भड़काया गया। कई कोचिंग संस्थानों पर आरोप है कि वे छात्रों को प्रदर्शन के लिए उकसाने और उनका इस्तेमाल अपने व्यावसायिक हितों के लिए कर रहे हैं।

पटना पुलिस और ईओयू इस मामले में सभी कोणों से जांच कर रही है। रोहित और उसके साथियों के मोबाइल डेटा, बैंक लेन-देन और अन्य डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं। साथ ही प्रदर्शन के पीछे की फंडिंग के स्रोत का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि प्रदर्शन के नाम पर हिंसा और कानून व्यवस्था को बाधित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याओं को सरकार के सामने रखें।

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