हिलसा

पान अनुसंधान केन्द्र के हर्बल गार्डन में संरक्षित पौधों की खेती कर लाभ उठाएं किसान : एसएन दास

इसलामपुर (नालंदा दर्पण)। स्थानीय पान अनुसंधान केंद्र के हर्बल गार्डन में विभिन्न प्रकार के औषधीय एंव सुगंधीय पौधो का संरक्षित किया जा रहा है। जोकि विभिन्न प्रकार की बीमारियों में कारगर साबित है।

केन्द्र प्रभारी एस एन दास ने बताया कि औषधीय व सुगंधीय पौधे की खेती काफी लाभदायक है। इस कोरोना काल में शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधीय दवा की मांग में भारी वृद्धि हो रही है। किसान चाहे तो अपने खेतो में औषधीय पौधों की खेती कर अप्रतियाशित लाभ कमा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि अश्वगंधा, कालमेघ, तुलसी, चिरैता आदि औषधीय पौधों में कोरोना से लडने की क्षमता है। किसान इससे जुडकर लाभ उठा सकते है। इच्छुक किसानों को केंद्र द्वारा पौधा आदि उपलब्ध करया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस केंद्र में लगभग 100 से अधिक विभिन्न प्रजाति के औषधीय व सगंधीय पौधों का संरक्षण किया जा रहा है। जिसके बारे में दूर दराज से आने वालों के साथ किसानों को जानकारी दिया जा रहा है।

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वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।