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    Friday, February 23, 2024
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      चंद लम्हों के मज़े और सेल्फी की सनक में युवाओं की जा रही है जिंदगी

      नालंदा दर्पण डेस्क।मुसाफिर की रफ्तार देखकर मील का पत्थर बोल पड़ा, दुर्घटना से देर भली क्या तुमने ये नहीं पढ़ा!’ जिंदगी और बाइक में एक बात समान होती है, अगर बैलेंस बनाकर न चलो तो एक्सीडेंट हो जाता है।

      कुछ ऐसा ही हो रहा है चंडी प्रखंड के विभिन्न इलाकों के सड़क और राजमार्गों पर जहां आएं दिन लहेरिया बाइकर्स का दिखता है खतरनाक स्टंट। साथ ही यूट्यूबर और रील्स बनाने वाले युवाओं की टोली भी ख़तरनाक स्टंट की वजह से खुद और दूसरों के जीवन को मुसीबत में डाल रहे हैं।

      किसी ने सच ही कहा है ‘जिंदगी लोगों को काफी मुश्किल से मिलती है,और लोगों को अपने जीवन से काफी प्यार होता है।’ लेकिन शायद आज के युवा वर्ग को अपनी जिंदगी से ज्यादा प्यार उन चंद लम्हों से है, जिसमें वह अपने जान को  खतरे में डालकर दूसरों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। लोगों को इंप्रेस करने के चक्कर में अपने और दूसरों की जान को खतरे में डालने से बाज नहीं हो रहे हैं।

      रविवार को चंडी थाना क्षेत्र के मिल्कीपुर गांव में तेज रफ्तार बाइक चलाने के चक्कर में तीन युवकों को मौत के मुंह में जाना पड़ गया। जबकि चौथा अभी भी जिंदगी से झूल रहा है।यह  कोई पहली घटना नहीं है।

      होली के दिन भी इसी थाना क्षेत्र के जैतीपुर के पास हुए एक हादसे में बाइक के परखच्चे उड़ गया और युवक अपनी जिंदगी से लील गया।

      कुछ दिन पहले ही तेज रफ्तार बाइक ने माधोपुर के पास एक डंपर में टक्कर मार दी थी। सरमेरा-बिहटा पथ पर तेजी रफ्तार बाइकर्स को देखते बनता है।

      लहेरिया बाइकर्स या तेज रफ्तार बाइकर आएं दिन सड़क पर मौत का तांडव‌ करते नजर आ रहे हैं। शायद उन्हें अपनी जान प्यारी नहीं होती। ये बाइकर्स खुद की भी जान खतरे में डालते हैं और दूसरों को की जिंदगी के साथ भी खेलते हैं। उन्हें अपनी जान से ज्यादा प्यार बाइक की स्पीड से होता है। जिसमें वे खो जाना चाहते हैं। और भूल जाते हैं कि घर पर कोई उनका इंतजार करता होगा।

      चंडी प्रखंड के कई इलाकों में सड़क पर युवा बाइकर्स आसानी से मिल जाते हैं।वो भी काफी महंगे और आकर्षक बाइक के साथ।जो दूसरों को इंप्रेस करने के लिए सड़क पर खतरनाक स्टंट करते हैं। वो बाइक को लहरा कर चलते हैं। रफ्तार इतनी तेज कि मानों बाइक नहीं हवाई जहाज उड़ा रहे हैं।

      बाइक की स्पीड इतनी होती है कि सामने कोई आ जाएं तो उसकी खैर नहीं।इस कारण ये बाइकर्स दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गो और महिलाओं को होती है।वे इन बाइकर्स की वजह से आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं या सड़क पर गिर रहें हैं।

      आज के युवा बाइकर्स लड़कियों को इंप्रेस करने के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों के आसपास भी मंडराते रहते हैं। कुछ बाइकर्स दोस्तों से शर्त लगाने के नाम पर चंद पैसे के लिए हर पल अपने जिंदगी को दांव‌ पर लगाता है।

      कहीं न‌ कहीं युवाओं में यह शौक विभिन्न विडियो गेम, टीवी-सिनेमा में आने वाले सीन की वजह से भी होता है। जिसमें युवा हैरतअंगेज स्टंट करता है।

      लड़का अपनी गर्लफ्रेंड को बाइक पर बिठाकर हवा से बातें करते हैं। क्षेत्र के कई इलाके है जहां इन बाइकर्स गैंग की भीड़ जुटती है,और शुरू होता है उनका खौफनाक मंजर। यह खेल रात और दिन किसी भी समय देखा जा सकता है।

      तेज रफ्तार के बाद दूसरी तरफ सेल्फी युवाओं की मौत का सबब बनती जा रही है। चंडी में रविवार को सेल्फी की चाहत तीन  युवा दोस्तों की जान लेकर उनके परिवार में ऐसा अंधकार किया कि अब वहां उजाले की किरणें कभी नजर नहीं आयेंगी।

      अगर चौथा घायल शख्स बच भी गया तो इस खौफनाक मौत के मंजर को कभी भूला नहीं सकता। आजकल लोग कहीं घूमने जाएं या फिर रेस्तरां में खाना खाने बैठें, सेल्फी लेना नहीं भूलते।

      फिर चाहे उस तस्वीर को दोबारा जिंदगी में कभी देखें भी नहीं। खास कर युवाओं के स्मार्टफोन सेल्फी वाली तस्वीरों से भरे रहते हैं। फोन को हाथ में लिए कैमरे की ओर मुस्कुराते हुए पोज देते समय किसी के ध्यान में नहीं आता कि यह आखिरी मुस्कराहट हो सकती है।

      फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप जैसी सोशल नेटवर्किंग की चकाचौंध ने पूरे गांव-जेवार तक  अपने पैर पसार लिये हैं। सोशल मीडिया एक तरफ युवाओं के लिये वरदान साबित हो रही है तो दूसरी तरफ अपने को अलग दिखाने की चाहत और जुनून में युवाओं के लिये मौत का सबब बनती जा रही है। जिसमें शेयर, लाइक, कमेंट की चाहत में युवा सेल्फी लेने के चक्कर में मौत के कुऐं में कूदकर अपनी जान गंवा रहे हैं।

      प्रखंड के सड़क पर टिक टौक विडियो (रील्स) बनाने की सनक युवाओं में दिख रहीं है। वे तेज रफ्तार बाइक पर अलग अलग पोज़ से विडियो बनाते हैं,जरा सी चूक पर मौत के मुंह में समा सकते हैं।

      हालांकि पुलिस प्रशासन आएं दिन बाइक चेकिंग भी करती है। लेकिन बाइकर्स गैंग के साथ वह सख्ती नहीं दिखाती है, जो दिखानी चाहिए। जिस कारण से उनके मनोबल और उनकी संख्या चंडी की सड़क पर नंगा नाच दिखा रहीं है। यहां तक कि कुछ बाइकर्स अपने खतरनाक स्टंट को सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करते रहते हैं, बाबजूद प्रशासन की नजर नहीं जाती है।

      नालंदा दर्पण भटके हुए युवाओं से अपील करती है कि बाइक हेलमेट पहनकर और संतुलित गति से ही चलाएं, क्योंकि आपके चाचा विधायक हो सकते हैं यमराज नहीं!

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