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    Monday, February 26, 2024
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      राजगीर की सुरम्य वादियों में नव वर्ष का जश्न मनाने की व्यापक तैयारी

      यहां पंच पहाड़ियों की वादियों के अलावा जंगल, झाड़, पहाड़ी ढलानों पर भी जमकर पिकनिक का जश्न मनाया जाता है। जरादेवी मंदिर, सोन भंडार जयप्रकाश उद्यान, बसुरिया पोखर, उदयगिरि, वनगंगा, महुआ पानी टंकी, रोपवे मार्ग, सीआरपीएफ केन्द्र मार्ग में भी नववर्ष के मौके पर पिकनिक की तैयारी की गयी है....

      नालंदा दर्पण डेस्क। पंच पहाड़ियों से आच्छादित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन नगर राजगीर में नववर्ष के आगमन को लेकर काफी उत्साह है। साल 2023 की विदाई और नव वर्ष 2024 के आगमन को लोग यादगार बनाने के मूड में है। यहां खास अंदाज में लोग नववर्ष मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

      Rajgir nagar jam

      राजगीर में पिकनिक के साथ पर्यटन और ट्रैकिंग की बड़ी सुविधा है, इसलिए सैलानियों की पहली पसंद राजगीर है, नये साल के आगमन में फासला अब बहुत कम रह गया है। दूसरी तरफ नववर्ष के स्वागत की तैयारी भी पूरी हो गयी है। ठंड का मौसम, गुनगुनी धूप में जश्न मनाने का मजा कुछ और है।

      प्रकृति की रमणीयता और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध राजगीर में हर तरफ जश्न की जबरदस्त तैयारी की गयी है। हर कोई खास अंदाज से पिकनिक मनाने की योजना बना रहे हैं। कहीं सांस्कृतिक मनोरंजन तो कहीं नृत्य संगीत की तैयारी की जा रही है। लजीज व्यंजनों की खुशबू से राजगीर की वादियां महकेगी।

      यहां पंच पहाड़ियों की वादियों के अलावा जंगल, झाड़, पहाड़ी ढलानों पर भी जमकर पिकनिक का जश्न मनाया जाता है। जरादेवी मंदिर, सोन भंडार जयप्रकाश उद्यान, बसुरिया पोखर, उदयगिरि, वनगंगा, महुआ पानी टंकी, रोपवे मार्ग, सीआरपीएफ केन्द्र मार्ग में भी नववर्ष के मौके पर पिकनिक की तैयारी की गयी है।

      गंगा जलाशय क्षेत्र में भी इस बार खुले आसमान के नीचे नववर्ष का जश्न मनाने के लिए तैयार हैं, यहां नववर्ष का पिकनिक मनाने वालों की लाखों में होती है। परिवार साथ पिकनिक मनाने के लिए यहां चहुंओर उल्लास का माहौल है।

      नववर्ष के मौके पर राजगीर के पिकनिक स्थल रंगबिरंगे परिधानों से लैस पर्यटकों से गुलजार होंगे, दोस्तों और परिवार के संग प्रकृति की गोद में बैठकर पिकनिक का लुत्फ उठायेंगे। पिकनिक को लेकर लोगों द्वारा वाहन, साउंड व लजीज व्यंजन की सामग्री जुटाई गयी है।

      नववर्ष के मौके पर लोग सुबह से ही पिकनिक स्थल के लिए निकलने लगते हैं। उसका मुख्य कारण मनपसंद पिकनिक स्पॉट पर पहुंचना है। सबसे अधिक सैलानियों की भीड़ शहर से जंगलों और पहाड़ी वादियों में होती है।

      विपुलगिरी की वादियों में बना गुरुद्वारा देश-दुनिया के सिख धर्मावलंबियों को तो आकर्षित करता ही है। अन्य धर्मावलंबियों को भी आकर्षित करता है।

      वन्यप्राणी सफारीः राजगीर का वन्य प्राणी सफारी देशी विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने में किसी से पीछे नहीं है, इसे पसंद करने वालों की संख्या इतनी अधिक है कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग उन्हें टिकट उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं हो रहा है। टिकट के लिमिटेशन होने के कारण केवल दो हजार सैलानी जू सफारी का भ्रमण कर पाते हैं। बाकी निराश होकर वापस लौट रहे हैं।

      नेचर सफारी: प्रकृति की गोद में बना नेचर सफारी सैलानियों की पहली पसंद बन गयी है। इसी सफारी में ग्लास ब्रिज, जिप लाइन, सस्पेंशन ब्रिज, शुटिंग रेंज सहित अनेकों ऐसे स्थल हैं, जो सैलानियों को आकर्षित करते हैं। नेचर सफारी, ग्लास ब्रिज के शौकीन उसका आनंद लेने के लिए बेताब रहते हैं।

      लेकिन प्रबंधन द्वारा उतना टिकट उपलब्ध नहीं कराया जाता है, जितना डिमांड है। इसके टिकट के लिए पुस की ठीठुरती रात में भी कंबल ओढकर रात से ही लाइन लगते हैं। लेकिन ऑफलाइन टिकट की संख्या कम होने के कारण सबों को टिकट नहीं मिल पाता है। अधिकांश लोग निराश होकर लौटने के लिए मजबूर हैं।

      फर्स्ट जनवरी को नेचर सफारी और जू सफारी बंदः राजगीर राजगीर में सैलानियों के आकर्षण का केंद्र वन्यप्राणी सफारी और नेचर सफारी दोनों नववर्ष के पहले दिन सोमवार को बंद रहेंगे। प्रत्येक सोमवार को वन्यप्राणी सफारी और नेचर सफारी दोनों की साप्ताहिक छुट्टी रहती है। उस दिन मेंटेनेंस आदि के कार्य किये जाते हैं। इसलिए पहली जनवरी सोमवार को जू सफारी और नेचर सफारी दोनों बंद रहेंगे। यह महज संजोग है कि एक जनवरी इस साल सोमवार को ही है।

      भक्ति के साथ नव साल की शुरुआतः अधिकाधिक लोग नए साल की शुरुआत भक्ति भाव से करना पसंद करते हैं। ऐसे में शहर के जरादेवी मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, देवी स्थान मंदिर, गोपाल धाम मंदिर, अभिनव वैद्यनाथ महादेव मंदिर, गढ़ महादेव मंदिर, गुप्ति महाराणी मंदिर, मुनि सुव्रत नाथ मंदिर, नौलखा मंदिर, बड़गांव का सूर्य मंदिर, पावापुरी का जल मंदिर, काली माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, सांई मंदिर, हनुमान गढ़ी का दर्शन व मत्था टेक कर नए साल की शुरुआत करना पसंद करते हैं।

      नेचर और वन्यप्राणी सफारी छोड़ खुला रहेगा सभी पर्यटन स्थलः पर्यटक स्थल राजगीर में कई ऐसी जगह है, जहां जाकर नववर्ष का उत्सव मना सकते हैं। नए साल पर उसे बंद नहीं किया गया है। केवल वन्यप्राणी सफारी और नेचर सफारी साप्ताहिक बंदी के कारण सोमवार को बन्द रहता है। यह महज संयोग है कि नववर्ष का शुभारंभ सोमवार से हो रहा है।

      एक जनवरी को पर्यटक वेणुवन, सोन भंडार घोड़ा कटोरा, रोपवे, पांडू पोखर, गर्मजल के कुंड, विश्व शांति स्तूप, साइक्लोपियन वॉल, पावापुरी जल मंदिर, नालंदा का विश्व धरोहर के साथ पुरातत्व संग्रहालय, ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल का भ्रमण कर सकेंगे। केविन रोपवे से हवा में सफर कर विश्वशांति स्तूप और प्राकृतिक सौंदर्य का नयनसुख ले सकते हैं। राजगीर के प्रमुख पिकनिक स्थल निम्न माने जाते हैं।

      वेणुवन: मगध सम्राट बिबिसार का वेणुवन रॉयल गार्डन था। इस वेणुवन को उनके द्वारा महात्मा बुद्ध को उपहार में भेंट किया गया था। राजगीर प्रवास के दौरान भगवान बुद्ध इसी वेणुवन में प्रवास करते थे। यह उनके प्रिय स्थलों में एक है।

      इसी वेणुवन में कलंद निवाप (तालाब) है। वह भी बुद्ध के प्रिय स्थलों में एक है। यह बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए बहुत पवित्र स्थल है। दुनिया के सभी धर्मों के सैलानी इस वेणुवन के नैसर्गिक वातावरण को आत्मसात करने के लिए आते हैं। कहा जाता है कि यहां भगवान बुद्ध के पग ध्वनी की गूंज आज भी सुनाई पड़ती है।

      गर्मजल के झरने: पहले राजगीर की पहचान गर्मजल के झरने और कुंडों से होती थी। यह प्राकृतिक जलस्रोत है। यहां 24 घंटे गर्मजल के झरने बहते रहते हैं। देश दुनिया के सैलानी इन झरनों और कुड़ों में स्नान कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते हैं।

      शरद ऋतु में कुंड स्नान के लिए केवल बिहार और भारत के कोने-कोने से नहीं, बल्कि दुनिया से लोग बड़ी संख्या में आते हैं। यहां के गर्म जल के झरनों का पानी औषधि गुणों के लिए भी विख्यात है। स्नान करने वालों का यहां हर दिन मेला लगा रहता है।

      जरासंध अखाड़ा: यह मगध के पराक्रमी सम्राट जरासंध का अखाड़ा है। यह द्वापरयुग में महाभारत काल का है। मगध सम्राट इसी अखाड़ा में अपना अभ्यास करते थे। महाभारत युद्ध के पहले मगध सम्राट जरासंध और हस्तिनापुर के राजकुमार भीम के साथ इसी अखाड़े में 18 दिनों तक मल युद्ध हुआ था। भगवान श्रीकृष्ण की मौजूदगी में यह युद्ध हुआ था।

      मल युद्ध के 18 वें दिन श्रीकृष्ण के मंत्र से जरासंध का अंत हुआ था। इसे देखने के लिए दुनिया के सैलानी और पहलवान आते हैं। अखाड़ा की मिट्टी लोग अपने बच्चों को यह कहकर लगाते हैं कि जरासंघ जैसा ही बलशाली बने।

      पाण्डू पोखरः यह राजगीर के खूबसूरत पार्कों में प्रमुख है। यह हस्तिनापुर नरेश पाण्डू के नाम पर बनाया गया है। यह पांडू पोखर जमशेदपुर के जुबली पार्क की तरह नयनाभिराम है। यहां बोटिंग से लेकर हॉर्स और बुल राइडिंग की व्यवस्था है। जॉबिंग कैप्सूल, जिप लाइन, वर्मा ब्रिज, बाउंसी, बंजी जंपिंग के अलावे बच्चों के मनोरंजन की व्यवस्था है।

      घोडाकटोरा झील: घोड़ाकटोरा झील प्राकृतिक स्थल है। यह इको टूरिस्ट सेन्टर है। यह बहुत खूबसूरत और आकर्षक है। बरसात और शरद ऋतु के मौसम में यह इलाका बेहद खूबसूरत बन जाता है। झील में पानी लबालब भर जाता है। जंगल और पहाड़ के हरे-भरे पेड़-पौधे यहां आने वाले सैलानियों का मन मोह लेता है।

      घोड़ाकटोरा झील सैलानियों का पसंदीदा पर्यटन स्थलों में एक है। बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी इस मनोरम दृश्य का आनंद लेने आते हैं। झील में नौका विहार करने के लिए भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। नव कपल भी अब बड़ी संख्या में इस मनोरम वादियों की सुंदरता का आनंद लेने के लिए पहुंचने लगे हैं। झील में पैडल और मोटर बोट की व्यवस्था है।

      विश्वशांति स्तूप: रत्नागिरी पर्वत के शिखर पर विश्वशांति स्तूप है। इसका निर्माण जापान के बौद्ध भिक्षु नीचीदात्सु फुजीई गुरूजी द्वारा किया गया है। उन्हीं के द्वारा राजगीर में देश का पहला रोपवे निर्माण कराया गया था। उस समय रोपवे का किराया केवल एक रुपये था। विश्वशांति स्तूप तक पहुंचने के लिए केविन रोपवे और सिंगल चेयर रोपवे का इस्तेमाल करते हैं। केवल केविन रोपवे से प्रतिदिन चार हजार से अधिक सैलानी सफर करते हैं।

      पिकनिक स्पॉटों पर प्रशासन की रहेगी कड़ी नजरः उत्पाद व पुलिस विभाग के टास्क फोर्स व पदाधिकारी कड़ी नजर रखेंगे। पिकनिक मनाने के दौरान शराब का इस्तेमाल करने वालों पर विशेष निगरानी रहेगी। निगरानी को लेकर पिकनिक स्पॉट के अलावा अलग अलग जगहों पर भी जांच पड़ताल की व्यवस्था की गयी है।

      राजगीर के अलावे नालंदा, पावापुरी और गिरियक पिकनिक के लिए महत्वपूर्ण स्थल है, जहां पर लोग नववर्ष के अवसर पर पिकनिक मनाने के लिए पहुंचते हैं। इन स्थलों पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मुकम्मल इंतजाम किया गया है। विभिन्न पिकनिक स्पॉट पर नजर रखने के लिए पुलिस पदाधिकारी व पुलिस जवानों की तैनाती कर निगरानी की व्यवस्था है।

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