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    Thursday, July 18, 2024
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      रामचंद्रपुर बस स्टैंड की बदलेगी तस्वीर, खर्च होंगे 9.92 करोड़

      नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 9.92 करोड़ रूपए की लागत से शहर के रामचंद्रपुर बस स्टैंड का नवीनीकरण और पुनर्निर्माण कार्य किया जाएगा। इस बस स्टैंड में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं का निर्माण किया जाएगा।

      बकौल  नगर आयुक्त सह स्मार्ट सिटी प्रबंध निदेशक तरणजोत सिंह, बस स्टैंड में सड़क निर्माण के साथ ही पार्किंग क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। 600 मीटर नाला का निर्माण होगा। 20 महिला व पुरुषों के लिए शौचालय का निर्माण किया जाएगा। 200 लोगों के लिए सेप्टिक टैंक बनेगा। पुरानी चारदीवारी का जीर्णोद्वार किया जाएगा।

      इस बस स्टैंड का एक प्रवेश द्वार भी बनेगा। विद्युतीकरण एवं स्ट्रीट लाइट की भी व्यवस्था की जाएगी। बस स्टैंड में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। रेन बसेरा और दुकान के निर्माण के साथ ही बस स्टैंड भवन का भी जीर्णोद्धार भी किया जाएगा।

      यहां पेयजल की सुविधा रामचंद्रपुर का बस स्टैंड उपलब्ध कराने के लिए ट्यूबवेल के साथ ही स्नानागार भी बनाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट काउंटर बनेगा, बस स्टैंड परिसर को हरा भरा बनाए रखने के लिए पौधारोपण के साथ ही हॉर्टिकल्चर का भी इंतजाम किया जाएगा।

      77.87 लाख में बस स्टैंड की हुई है बंदोबस्तीः रामचंद्रपुर बस स्टैंड लगभग 16000 वर्ग मीटर में बना हुआ है। बस स्टैंड की बंदबस्ती नगल निगम के द्वारा कराई जाती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस बस स्टैंड की बंद बस्ती 77 लाख 87400 रुपए में हुई है।

      अंतर्राज्यीय बसों का भी होता है परिचालनः इस बस स्टैंड से प्रतिदिन लगभग 147 बसों का परिचालन होता है। बस स्टैंड से राजगीर पटना शेखपुरा, नवादा, रांची, बोकारो, धनबाद कोलकाता आदि शहरों के लिए बस का परिचालन होता है और प्रतिदिन हजारों यात्री यहां से सफर करते है।

      इस बस स्टैंड में यात्रियों की सुविधा के लिए बना रोड काफी पीछे रहने के कारण यात्रियों के द्वारा प्रयोग में नहीं लाया जाता है। बसों के ठहराव की व्यवस्था पीछे की ओर रहने से इसका प्रयोग यात्रियों के द्वारा किया जा सकता है।

      बस स्टैंड में जलजमाव को दूर करने के लिए नये नालों का निर्माण करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है। बस स्टैंड के पीछे के द्वारा का उपयोग नहीं किया जाता है। जिसके कारण एक घर पर ज्यादा भीड़ हो जाती है।

      पश्चिमी द्वार से प्रवेश तथा उत्तरी द्वारा से निकास की व्यवस्था किए जाने का निर्देश दिया गया है। मुख्य द्वार के पास निर्मित शौचालय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। उसकी जगह नया डीलक्स शौचालय बनाने का आदेश दिया गया है। बस स्टैंड के भीतर तीन मंदिर व कुछ पुराने भवन, रेन बसेरा बने हैं।

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