अन्य
    Thursday, May 30, 2024
    अन्य

      नालंदा के इन 3 फर्जी शिक्षिकाओं पर FIR दर्ज कर वेतन वसूली का आदेश

      बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। राजधानी पटना के विकास भवन में 11 से 15 अप्रैल तक चली नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की गई। इस दौरान नालंदा जिले की तीन फर्जी महिला शिक्षक पकड़ी जा चुकी है, जिसपर कार्रवाई के लिए राज्य शिक्षा विभाग ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है और निर्देश दिया है कि इन अभ्यर्थियों का नियुक्ति रद्द करते हुए ली गयी वेतन की वसूली करें और प्राथमिकी दर्ज करें।

      माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया था कि निर्धारित अवधि तक प्रमाण पत्र जांच के लिए शिक्षक उपस्थित हो और अपना प्रमाण पत्र जांच कराये। अगर निर्धारित तिथि तक शिक्षक प्रमाण पत्र जांच नहीं कराते है तो उन्हें फर्जी घोषित किया जा सकता है, जिसकी सारी जवाबदेही शिक्षकों की होगी।

      इस तरह पूरे राज्य में 549 शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रमाण पत्र जांच होना था, जिसमें 469 का प्रमाण पत्र पहली दफा में सच्चा प्रतीत हुआ। वैसे शिक्षक जो एक हीं क्रमांक और नाम पर अलग-अलग जगह काम कर रहे थे। इस जांच में उपस्थित नहीं हुए। भविष्य में ऐसे अभ्यर्थियों को जांच के लिए फिर से बुलाया जा सकता है।

      नालंदा जिले में 71 शिक्षकों के प्रमाण पत्र संदेहास्पद पाया गया था, जिनके प्रमाण पत्रों को चिन्हित करते हुए जांच का निर्देश दिया गया था। इन शिक्षकों को बीटीईटी, एसटीईटी और सीटीईटी प्रमाण पत्र पर जिले के हीं दूसरे विद्यालय या फिर अन्य जिले में शिक्षक नौकरी कर रहे थे।

      सक्षमता परीक्षा में जब संबंधित अभ्यर्थियों का सभी प्रमाण पत्रों का रौल नंबर, आधार आदि अपडेट किया गया तो इन शिक्षकों के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने वेब पोर्टल परं एक हीं बीटीईटी, एसटीईटी और सीटीईटी के प्रमाण पत्र पर कई जिलों में नियोजित शिक्षकों द्वारा आवेदन भरने की डुप्लीकेट सूची पकड़ी थी और विभाग को दी थी।

      इसी आलोक में जांच की कार्रवाई शुरू हुई। प्रथम दृष्टया में नालंदा जिले की तीन फर्जी महिला शिक्षक पकड़ी जा चुकी है, जिसपर कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के राज्य मुख्यालय ने जिलाधिकारी को पत्र दिया है और निर्देश दिया है कि इन अभ्यर्थियों का नियुक्ति रद्द करते हुए ली गयी वेतन की वसूली करें और प्राथमिकी दर्ज करें।

      हालांकि अभी कई लोगों का जांच चल रहा है। ऐसे में फर्जी शिक्षक का मामला और भी हो सकता है जो अलग-अलग प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दूसरे का कॉपी कर अपने सर्विस में अपडेट किया है।

      अब केके पाठक ने लिया सीधे चुनाव आयोग से पंगा

       अब सरकारी स्कूलों के कक्षा नौवीं में आसान हुआ नामांकन

      गर्मी की छुट्टी में शिक्षकों के साथ बच्चों को भी मिलेगा कड़ा टास्क

      बिहार को मिले 702 महिलाओं समेत 1903 नए पुलिस एसआइ

      जानें डिग्री कॉलेजों में कब से कैसे शुरु होंगे पार्ट-2 और पार्ट-3 की परीक्षा

      LEAVE A REPLY

      Please enter your comment!
      Please enter your name here

      This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

      संबंधित खबरें
      error: Content is protected !!