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    Tuesday, May 28, 2024
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      बिहारशरीफ नगर में संवेदक की मनमानी से फ्लाइओवर का निर्माण बंद

      नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के भरावपर चौक के पास बनायी जा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य एक बार फिर बंद पड़ा हुआ है। फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में न तो संवेदक रूचि दिखा रहे हैं और न ही अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं।

      करीब 73 करोड़ रुपए की यह परियोजना अधर में लटकती दिख रही है। फ्लाईओवर का निर्माण काफी दिनों से बंद पड़ा हुआ है। फ्लाईओवर परियोजना की जरूरत भविष्य में बढ़ने वाले यातायात भार को देखते हुए महसूस की गई थी।

      शुरुआत में जब इस परियोजना का ड्राफ्ट तैयार किया गया था तो शहर के व्यापारियों ने इस पर विरोध भी जताया था। शहर के एक महत्वपूर्ण रास्ते के बंद हो जाने तथा इस रास्ते के दुकानदारों की दुकानदारी पर असर पड़ने की शिकायत की गयी थी।

      जब व्यापारियों के साथ बैठक करके उन्हें भविष्य का प्लान समझाया और फ्लाईओवर की लंबाई कम कर रास्ते के बंद हो जाने से बचाने का आश्वासन दिये जाने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया।

      स्मार्ट सिटी ने फ्लाईओवर के शुरुआती लागत को 100 करोड़ से अधिक बताया था, लेकिन फ्लाईओवर की लंबाई कम किए जाने के बाद इसकी लागत करीब 73 करोड़ कर दिया गया। शहर के रांची रोड में स्थित एलआइसी भवन के पास से सोगरा कॉलेज मोड़ तक इस फ्लाईओवर का निर्माण किया जाना है। करीब आठ मीटर चौड़ी इस फ्लाईओवर में दो लेन होंगे।

      इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 18 में पूरा लेने का लक्ष्य था। इस हिसाब फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जून 2023 में ही पूरा हो जाना था। निर्माण कार्य की धीमी गति का आलम यह है कि 28 माह में भी यह कार्य पूरा नहीं हो सका है।

      फिलहाल स्थिति यह है कि फ्लाईओवर के सभी पिलरों का निर्माण भी पूरा नहीं हो सका है। इस कार्य को पूरा करने का नया लक्ष्य जून 2024 है। अब इस फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य करीब 80 दिन ही बचे हैं। लक्ष्य के इतने कम दिन बचे होने के बाद भी निर्माण कार्य का बंद रहना शहरवासियों को परेशान कर रहा है।

      फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अधूरा रह जाने शहरवासियों को बरसात के मौसम में भारी फजीहत झेलनी पड़ेगी। इस मार्ग में पैदल या वाहन से आवागमन करना दूभर हो जाएगा। इसके अलावा शहर के अंदर निर्माण सामग्री लाने ले जाने में दिक्कत होगी, डस्ट आदि की समस्या भी बरकरार रहेगी। बरसात के समय खोदे गए गड्ढे में पानी भर जाएगी। फिसलन से भरे रास्ते होने के कारण दुर्घटना भी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

      शहर का मुख्य मार्ग होने के कारण इस सड़क दोनों ओर हजारों दुकानें स्थित है। जब से इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक दुकानदारों की दुकानदारी चौपट हो रही है। इस संबंध में अधिकारी कुछ भी खुलकर बताने को तैयार नहीं हैं।

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