अन्य
    Friday, February 23, 2024
    अन्य

      जिला पंचायत राज पदाधिकारी की समीक्षात्मक बैठक में खुलासा- चंडी, नगरनौसा, थरथरी समेत 11 पंचायत समितियों का अंकेक्षण कार्य अपूर्ण

      बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। समीक्षात्मक बैठक में पाया गया कि कुछ पंचायत समितियों का वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में अंकेक्षण कार्य पूर्ण नहीं किया गया है जबकि जिला से निर्धारित रोस्टर के अनुसार अंकेक्षण कार्य करने हेतु समयावधि बीत चुकी है। 

      वित्तीय वर्ष 2020-21 में पंचायत समिति चंडी, एकंगरसराय, हरनौत और नूरसराय का अंकेक्षण कार्य अपूर्ण है और वित्तीय वर्ष 2021-22 में पंचायत समिति बिहारशरीफ़, हरनौत, इस्लामपुर, रहुई, कतरीसराय, नगरनौसा एवं थरथरी का अंकेक्षण कार्य अपूर्ण है।

      अंकेक्षण कार्य पूर्ण नहीं होना अभिलेखों के विधिसम्मत संधारण नहीं होने एवं वित्तीय प्रबंधन में अनियमितता को परिलक्षित करता है। सभी प्रमुख एवं कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि 10 अगस्त तक अंकेक्षण कार्य पूर्ण कराएँ ताकि विभाग को ससमय उपयोगिता प्रमाण पत्र भेज जा सके।

      बैठक में यह भी पाया गया कि कई पंचायत समितियों द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में 15वीं वित्त की आवंटित राशि का 40 प्रतिशत से भी कम राशि का व्यय किया गया है। ज्ञात है कि अगले वित्तीय वर्ष से व्यय की गई राशि के आलोक में ही केंद्र सरकार के द्वारा 15वीं वित्त के तहत राशि आवंटित की जा सकती है। साथ ही, काम राशि व्यय किए जाने से राज्य स्तर पर जिले की रैंकिंग भी प्रभावित होती है।

      उक्त आलोक में सभी को निर्देश दिया गया कि अपलोड किए गए ब्लॉक पंचायत डेवलपमेंट प्लान के तहत चयनित योजनाओं पर अविलंब कार्य प्रारंभ करें ताकि विकास कार्यों को गति प्रदान किया जा सकें।

      डीपीआरओ द्वारा यह भी निर्देश दिया गया कि योजनाओं का प्राक्कलन एवं मापी पुस्त संबंधित पंचायत के तकनीकी सहायक द्वारा ही किया जाए। जिस पंचायत में योजना क्रियान्वित की जा रही है, उसी पंचायत के तकनीकी सहायक योजना का तकनीकी अनुश्रवण करेंगे ना कि किसी और पंचायत के।

      साथ ही, पंचायत समिति के मुख्यालय पंचायत में पदस्थापित लेखापाल सह आईटी सहायक प्रत्येक माह पंचायत समिति के रोकड़ बही की जांच करेंगे तथा बैंक खातों का बैंक समाधान विवरणी तैयार करते हुए प्रतिवेदन कार्यपालक पदाधिकारी के माध्यम से समर्पित करेंगे।

      वित्तीय वर्ष 2022-23 में 15वीं वित्त के तहत आवंटित राशि का 40 प्रतिशत से भी कम व्यय करने वाले पंचायत समितियों में इस्लामपुर (14%), रहुई (22.22%), चंडी (24.71%), हरनौत (28.51%), थरथरी (30.43%) तथा नूरसराय (38.12%) शामिल है।

      साथ ही, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 15वीं वित्त के तहत अभी तक 3 पंचायत समितियों द्वारा आवंटित राशि का व्यय प्रारंभ भी नहीं किया गया है जिसमें हिलसा, बिन्द और बिहारशरीफ़ शामिल है। साथ ही, 4 पंचायत समितियों में व्यय की गई राशि 10 प्रतिशत से कम है जिसमें नूरसराय, कतरीसराय, बेन और करायपरसुराय शामिल है।

      जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा विभागीय दिशा निर्देश के आलोक में प्रत्येक माह कम से कम एक पंचायत समिति का विधिवत निरीक्षण किया जाएगा जिसे जिला पदाधिकारी को भेजते हुए निश्चय सॉफ्ट पर अपलोड किया जाएगा। प्राथमिकता के आधार पर पहले उन्ही पंचायत समितियों का निरीक्षण किया जाएगा जिनका अंकेक्षण कार्य अपूर्ण है तथा व्यय की गई राशि का प्रतिशत अन्य पंचायत समितियों की तुलना में काफी कम है।

      साथ ही कम से कम 2 क्रियान्वित योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर प्रतिवेदन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। पंचायत समिति के निरीक्षण के दौरान रोकड़ बही, योजना पंजी, बैंक पासबुक का रीकोनसिलियेशन, योजना वार योजना पंजी, मापी पुस्त पंजी इत्यादि के संधारण का जांच किया जाएगा। सभी को निर्देश दिया गया कि जल्द से जल्द अभी तरह के अभिलेखों एवं दस्तावेजों का विधिवत संधारण सुनिश्चित करेंगे।

      LEAVE A REPLY

      Please enter your comment!
      Please enter your name here

      This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

      - Advertisment -
      संबंधित खबरें
      error: Content is protected !!