Wednesday, February 11, 2026
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    नालंदा में औसतन 53 छात्रों को पढ़ाते हैं केवल एक शिक्षक

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में शिक्षा अधिकार अधिनियम को अमलीजामा पहुंचाने में सरकारी स्कूलों की काफी अहम भूमिका है। आज भी जिले के लगभग 90 फ़ीसदी बच्चे सरकारी स्कूलों में ही पढ़ाई कर रहे हैं। इन स्कूलों की पहुंच जिले के सुदूर क्षेत्रों में भी समान रूप से है। इसलिए सरकारी स्कूलों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

    वर्तमान में जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 1348 प्राथमिक विद्यालय मौजूद हैं। इन सभी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर पांचवी कक्षा तक में लगभग 267826 बच्चे नामांकित हैं। इन स्कूलों में लगभग 5016 शिक्षक वर्तमान में नियुक्त हैं। हालांकि ये शिक्षा का अधिकार अधिनियम के हिसाब से काफी कम अनुपात में हैं।

    शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक शिक्षा में 30 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक की अनिवार्यता बताई गई है। जबकि जिले में 53 छात्र को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक मौजूद हैं।

    ऐसे में स्वाभाविक रूप से बच्चों का पठन और पाठन प्रभावित होना लाजमि है और इस परिस्थिति में अच्छी शिक्षा की उम्मीद नहीं की जा सकती है। हालांकि सरकार के द्वारा कई चरणों में शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, लेकिन वह भी नाकाफी साबित हो रहा है।

    नालंदा जिले के प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन जिले के प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का काफी अच्छा नामांकन है। बेहतर पढ़ाई से उनका भविष्य संवर सकता है। सरकारी आकड़ों के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में पहली कक्षा में 41213 विद्यार्थी, दूसरी कक्षा में 55790 विद्यार्थी, तीसरी कक्षा में 58563 विद्यार्थी, चौथी कक्षा में 57461 विद्यार्थी तथा पांचवी कक्षा में 54799 विद्यार्थी नामांकित हैं। इस प्रकार जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कुल करीब 267826 बच्चे नामांकित हैं।

    नालंदा जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्राथमिक विद्यालयों का वितरण भी बेहतर है। अस्थावां प्रखंड में 68 प्राथमिक विद्यालय, बेन में 57, बिहारशरीफ में 137, बिन्द में 42, चंडी में 71, एकंगरसराय में 103, गिरियक में 45, हरनौत में 77, हिलसा में 105, इस्लामपुर में 116, करायपरशुराय में 49, कतरी सराय में 24, नगरनौसा में 43, नूरसराय में 74, परवलपुर में 44, रहुई में 67, राजगीर में 60, सरमेरा में 52, सिलाव में 73 तथा थरथरी प्रखंड में कुल 41 प्राथमिक विद्यालय मौजूद है।

    वहीं अस्थावां प्रखंड में 246, करायपरशुराय प्रखंड में 148, बेन प्रखंड में 119,  कतरीसराय प्रखंड में 109,  बिहारशरीफ प्रखंड में 512,  नगरनौसा प्रखंड में 176,  बिन्द प्रखंड में 160,  नूरसराय प्रखंड में 286,  चंडी प्रखंड में 299, परवलपुर प्रखंड में 60,  एकंगरसराय प्रखंड में 326,  रहुई प्रखंड में 239,  गिरियक प्रखंड में 12,  राजगीर प्रखंड में 287, हरनौत प्रखंड में 314,  सरमेरा प्रखंड में 174,  हिलसा प्रखंड में 347,  सिलाव प्रखंड में 314,  इस्लामपुर प्रखंड में 385 और  थरथरी प्रखंड में 183 शिक्षक पदास्थापित हैं।

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    नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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