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    Monday, February 26, 2024
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      एक दिवसीय हड़ताल पर गए दवा प्रतिनिधि, श्रम कल्याण मैदान में की प्रदर्शन

      बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। अखिल भारतीय आह्वान पर केंद्र सरकार की जनविरोधी एवं मजदूर विरोधी, उनके ट्रेड यूनियनों पर हमला, श्रम कानूनों में नियोक्ता परस्त संशोधन अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के प्रस्तावों के गैर कार्यान्वयन के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियन एवं एफएमआरएआई सहित राष्ट्रीय स्तर के सभी कर्मचारी महासंघों के आह्वान पर देश भर के तीन लाख से ज्यादा दवा प्रतिनिधियों एवं विक्रय प्रतिनिधि एक दिवसीय हड़ताल पर चले गए।

      नालंदा जिले के दवा प्रतिनिधि के संगठन के आह्वान पर बिहारशरीफ यूनिट के सभी प्रतिनिधि बुधवार को श्रम कल्याण मैदान में जमा हुए और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आक्रोश प्रदर्शन किया।

      संघ के अध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह और सचिव सुनील कुमार पाण्डेय ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार की ग़लत दवा औधोगिक नीति, आर्थिक नीति उदारीकरण एवं निजीकरण के चलते देश का दवा उधोग बीमार हो रहा है। जिसके परिणामस्वरूप दवा प्रतिनिधियों की स्थिति दयनीय हो रही है।इन पर विभिन्न दवा कंपनियों का प्रबंधन द्वारा शोषण, एवं तरह तरह से परेशान किया जा रहा है। अनेक प्रकार के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

      अध्यक्ष एवं सचिव ने कहा कि एक दिवसीय हड़ताल में उनकी मांगे सरकार से यह है कि मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के लिए लागू सेल्स प्रमोशन एक्ट 1976 को बरकरार रखा जाए,काम की वैधानिक कार्य नियमावली बनाई जाएं, सरकारी अस्पतालों एवं संस्थाओं में उनके प्रवेश पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए। दवा एवं चिकित्सा उपकरण पर लगे जीएसटी को खत्म कर कीमतों पर नियंत्रण किया जाएं और दवा प्रतिनिधियों के डाटा प्रायवेसी की सुरक्षा की जाए।

      इस मौके पर रंजीत प्रसाद, सुनील पांडेय, रौशन कुमार, रविश कुमार, अक्षय कुमार, श्याम, राजेश, नील नितिन, सिद्धार्थ पांडेय सहित सभी दवा प्रतिनिधियों ने हड़ताल में एकजुटता प्रदर्शित की।

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