चुनाव

बैलेट वोट में जदयू प्रत्याशी और भाकपा (माले) में दिखा कांटे की टक्कर

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा संसदीय क्षेत्र के लिए डाक से प्राप्त मतों की कुल संख्या 5620 थी जिसमें 5047 मत वैध घोषित हुआ वहीं 573 मत अवैध घोषित किया गया। 14 चक्रों में वैलेट वोट की काउंटिंग हुई, जिसमें सर्वाधिक 2368 मत जदयू प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार को मिला, वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाकपा माले के डॉ. संदीप सौरभ को 2256 वोट मिले। यानी कि वैलेट वोट में भी दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर रही 112 मतों से जदयू प्रत्याशी ने बढ़त बनाई।

बसपा के प्रत्याशी प्रमोद कुमार निराला को 99 वोट मिला, जबकि कन्हैया प्रसाद यादव को 27 कुमार हरिचरण सिंह यादव को 9, केशो जमादार को 18, दिलीप कुमार को 5, नंदकिशोर प्रसाद को 12 निशा रंजन को 18, मुन्ना कुमार पासवान को 12, मुन्ना कुमार पाठक को 13, रमेश कुमार को 5, विनय प्रताप सिंह को 9, शशि कुमार को 8, संजय राजेश को 9, सुधीर कुमार को 5, सुरेंद्र प्रसाद को 5, अजीत कुमार, पिता राजेंद्र सिंह को 5, अजीत कुमार पिता संतोष कुमार को 4, किशलय कुमार को 3, घनश्याम प्रसाद सिंह को 2 चंद्रकिशोर प्रसाद सिंह को 1, पवन कुमार को 2, पूजा देवी को 14, शशि रंजन सुमन को 9, श्याम सुंदर प्रसाद को 10, संयुक्ता कुमारी को 6, सुधीर कुमार को 2, सुरेंद्र सिंह को 4 वोट मिले। जबकि नोटा को 107 मत मिला।

कहा जा सकता है कि नालंदा संसदीय चुनाव में वैलेट पाने वालों में जदयू और भाकपा माले के बाद अगर किसी का स्थान रहा तो वह नोटा रहा। इसका मायने यह हुआ कि जो 29 प्रत्याशी खड़े थे उनमें वैलेट वोट करने वाले 107 लोगों ने अपना पसंद नहीं चुना। खास बात यह रही कि 29 में से सभी प्रत्याशियों को वोट पड़े भले हीं एक वोट से हीं क्यों न हो।

बता दें कि पारामिलिट्री सहित सैन्य बल में काम करने वाले लोगों का वोट डाक से प्राप्त होता है जबकि जिले के कर्मी जो मतदान कार्य में लगे होते है। वे भी वैलेट वोट डालते है। इस बार से 75 से अधिक उम्र के लोग या फिर दिव्यांग को घर-घर जाकर वैलेट से वोट लिया गया था और इस प्रकार 5620 वैलेट वोट पड़े थे।

बिहार में लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान मतदान प्रतिशत में आई कमी का मूल कारण

हिलसा नगर परिषद क्षेत्र में वोट वहिष्कार, वजह जान हैरान रह जाएंगे आप

जर्जर सड़क को लेकर भड़के दर्जनों गांव के ग्रामीण, चुनाव में देंगे वोट की चोट

काम नहीं तो वोट नहीं, चुनावी मुद्दा बना यह चचरी पुल

अब केके पाठक ने लिया सीधे चुनाव आयोग से पंगा

मुकेश भारतीय

मुकेश भारतीय वरिष्ठ पत्रकार हैं और राजनीति, प्रशासन और स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर लेखन-संपादन करते हैं। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा राजगीर वेणुवन की झुरमुट में देखें मुस्कुराते भगवान बुद्ध
The unsolved mysteries of the ancient Nalanda University राजगीर पांडु पोखर एक ऐतिहासिक पर्यटन धरोहर Rajgir Sone Bhandar is the world’s biggest treasure Artificial Intelligence is the changing face of the future