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बिहार में शराबबंदी का सच, पी तो सब रहे हैं, सुनिए क्या बोलीं महिलाएं

बेन (नालंदा दर्पण)। बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। यहां न तो शराब की खरीद-बिक्री और न हीं सेवन करना है। लेकिन शराब की खरीद-बिक्री और सेवन धड़ल्ले से जारी है। तभी तो नित्य दिन शराब बेचने और शराब पीने वाले पकड़े जा रहे हैं।

कोई ऐसा दिन नहीं, कहीं शराबी तो कहीं कारोबारी शराब के साथ पकड़े जा रहे हैं। प्रशासन इसको रोक पाने में विफल साबित हो रहा है। अभी भी लोग शराब पीकर हिंसात्मक घटना को अंजाम दे रहे हैं।

आए दिन छोटे मोटे शराब कारोबारी एवं शराबी पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं। जबकि छोटे बड़े सब पी रहे हैं। थाना क्षेत्र के अनेकों महिलाओं ने कहा कि शराब की बिक्री अभी भी जारी है। प्रशासन इसको रोक पाने में विफल साबित हो रहा है।

बेन थाना क्षेत्र के रहनेवाली 50 वर्षीय महिला शारदा देवी एवं सुदामा देवी ने कहा कि शराब बंदी तो सही है, मगर अभी भी शराब बन और बिक रहा है तथा लोग पी रहे हैं। इसी प्रकार अन्य  महिलाओं ने कहा कि कई ऐसे गांव हैं जहां शराब बनते और बिकते हैं।

मंजू देवी कहती हैं कि शराब बेचने और पीने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। रंजू देवी कहती हैं कि शराबबंदी सही है लेकिन शराब की बिक्री खूब हो रही है और लोग पी रहे हैं। शराबबंदी का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है। कुछ महिलाओं ने तो यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन की मिली भगत से शराब बिक रही है।

60 वर्षीय मदन सिंह के अलावे अन्य कहते हैं कि बिहार में शराबबंदी कानून फेल है। यह कैसी शराबबंदी कि शहर से लेकर गांव तक आसानी से शराब मिल जा रही है और लोग पी रहे हैं। शराबबंदी कानून लागू होने के कुछ दिनों बाद तक तो सब ठीक रहा।

सख्त सजा के प्रावधान के कारण वाकई लगा कि लोगों ने शराब से तौबा कर ली। लेकिन धीरे-धीरे यह शहर से लेकर गांव तक बनने और पहुंचने लगी। आज के दिनों में यह सुलभ है। हां, इतना जरूर है कि कीमत अधिक चुकानी पड़ रही है।

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