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    Friday, June 21, 2024
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      शेखपुरा इंडियन बैंक लॉकर से सोना चोरी कांड का खुलासा, जानें अमानत में खयानत

      नालंदा दर्पण डेस्क। शेखपुरा जिला अंतर्गत दल्लू चौक के पास अवस्थित इंडियन बैंक से गोल्ड लोन के लिए जमा कराये गये करीब दो करोड़ का सोना गायब किये जाने के मामले में शेखपुरा पुलिस को बड़ी खुलासा किया है।

      इस इस वारदात को बैंक के ही कैशियर और कर्मी द्वारा बड़े नाटकीय ढंग से अंजाम दिया गया था। नालंदा के सरमेरा मोहनपुर गांव से बैंककर्मी के साला के घर से सोना बरामद हुआ है। शेष 1.17 किलोग्राम सोने की बरामदगी को लेकर पुलिस छापामारी कर रही है।

      शेखपुरा एसपी बलिराम कुमार चौधरी के अनुसार इस मामले में बैंक के कैशियर के साथ अस्थायी कर्मी सुनील यादव की मिली भगत से बैंक से सोना गायब किया गया था। सोना गायब की सूचना मिलने के बाद इसकी जांच शुरू की गयी।

      इस कांड को लेकर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) अरविंद कुमार सिन्हा के नेतृत्व में छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस दौरान जब बैंक के चार कर्मियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया तो फिर पूरा मामला सामने आ गया।

      वरीय बैंक पदाधिकारी की सूचना पर पुलिस ने शुरू की तहकीकातः बताया जाता है कि गोल्ड लोन धारक को उनके सोने के लिए बैंक द्वारा जब टालमटोल किया गया तो उसने इसकी शिकायत बैंक के वरीय पदाधिकारी से की। इसके बाद वरीय पदाधिकारी ने बैंक पहुंचकर इसकी छानबीन शुरू की, परंतु मामला जब स्पष्ट नहीं हो सका।

      इसके बाद इंडियन बैंक के जोनल ऑफिस गया के डीजीएम शक्ति कुमार ने इसकी पूरी सूचना थाने को दी और फिर पुलिस द्वारा जांच शुरू की गयी।

      इस तरह घटना को दिया गया था अंजाम: इस कांड को लेकर एसपी ने बताया कि 24 मई की शाम कैशियर अजय कुमार रजक अपने घर पटना चले गये थे। 25 एवं 26 मई को छुट्टी के बाद 27 मई को उन्हें काम पर बैंक लौटना था। परंतु वह तबीयत खराब रहने का बहाना बनाकर कर नहीं लौटे और बैंक की चाबी अपने शेखपुरा स्थित डेरा से किसी को भेज कर मंगा लेने की बात मैनेजर को कही।

      इसके बाद चाबी लाने के लिए अस्थायी कर्मी सुनील यादव उनका डेरा गया और इसी दौरान उसने चेस्ट गार्ड के जिस लॉकर में सोना रखा था, उसकी चाबी गुच्छे से निकाल ली। जिसकी बैंक के अधिकांश कार्यों में उसकी सहभागिता रहती थी। इस दौरान चेस्ट रूम में अक्सर उसका आना-जाना रहता था।

      इसी दौरान मौका मिलने पर उसने उस लाकर में 101 पैकेट में रखे गये तीन किलो 213 ग्राम सोना निकाल लिया और फिर यह सोना उसने अपने साला नालंदा जिला के सरमेरा स्थित मोहनपुर गांव के रहने वाले रंजीत यादव एवं उसके साथी कुंदन चौहान को सौंप दिया।

      29 मई को घटना को दिया गया था अंजाम: बैंक से सोना गायब किये जाने की घटना को अंजाम 29 मई को दिया गया था। हालांकि इसी के ठीक बाद ही गोल्ड लोन धारक भी अपने सोना लेने बैंक पहुंच गया। इसके बाद सोने की खोजबीन शुरू हुई।

      बताया जाता है कि लॉकर की चाबी नहीं मिलने के बाद मामला आगे बढ़ गया। एसपी के अनुसार चेस्ट रूम की एक अन्य चाबी दूसरे नजदीकी ब्रांच में भी रखी जाती है।

      इसी क्रम में उस लॉकर की दूसरी चाबी जब मंगाकर उसे खोला गया तो वहां से सारा सोना गायब पाया गया। जबकि चेस्ट रूम में रखी सारी नकदी सही सलामत थी।

      सोना की बरामदगी और अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी जारी: शेखपुरा एसपी के अनुसार बैंक के कैशियर के साथ अस्थायी कर्मी एवं शेखपुरा के अरियरी के रहने वाले सुनील यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।

      जबकि रंजीत यादव तथा उसके एक साथी कुंदन चौहान अभी फरार हैं। इसके साथ ही एक किलो 170 ग्राम सोने की बरामदगी किया जाना भी शेष है। उसे भी बरामद कर लिया जायेगा।

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